💥 नक्षत्रों के भेद /कार्य 💥
* उधर्वमुखी नक्षत्र *
✍️ रोहिणी आर्द्रा पुष्य अरु,उत्तरा तीनो नाम ।
श्रवण धनिष्ठा शतभिषा उधर्वमुखी पहचान।।
* कार्य *
✍️ उधर्वमुखी उन्नति करे सभी काम भरपूर ।
वास्तु रखो, संस्कार करो, होवे सभी मजबूत।।
अर्थात :---- रोहिणी,आर्द्रा, पुष्य,तीनो उत्तरा (उ०फा०,उ०षा०, उ०भा० ) श्रवण ,धनिष्ठा और शतभिषा इन नौ नक्षत्रों का नाम उधर्वमुखी है । ऊपर की ओऱ फलप्राप्ति के सारे कार्य ,उन्नति के सभी कार्य ,जैसे नींव रखना ,विद्या प्रारम्भ का कोई संस्कार करना शुभ होता है ।नक्षत्र संख्या 4 ,6 ,8 ,12 ,21 ,22 ,23 ,24 और 26 को उधर्वमुखी समझे ।।
क्रमशः..............................
* उधर्वमुखी नक्षत्र *
✍️ रोहिणी आर्द्रा पुष्य अरु,उत्तरा तीनो नाम ।
श्रवण धनिष्ठा शतभिषा उधर्वमुखी पहचान।।
* कार्य *
✍️ उधर्वमुखी उन्नति करे सभी काम भरपूर ।
वास्तु रखो, संस्कार करो, होवे सभी मजबूत।।
अर्थात :---- रोहिणी,आर्द्रा, पुष्य,तीनो उत्तरा (उ०फा०,उ०षा०, उ०भा० ) श्रवण ,धनिष्ठा और शतभिषा इन नौ नक्षत्रों का नाम उधर्वमुखी है । ऊपर की ओऱ फलप्राप्ति के सारे कार्य ,उन्नति के सभी कार्य ,जैसे नींव रखना ,विद्या प्रारम्भ का कोई संस्कार करना शुभ होता है ।नक्षत्र संख्या 4 ,6 ,8 ,12 ,21 ,22 ,23 ,24 और 26 को उधर्वमुखी समझे ।।
क्रमशः..............................

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