मुहूर्त ज्ञान .....

.....मुहूर्त ज्ञान ....
प्रथमा षष्ठी ग्यारसी , इनका नंदा नाम ।
दूज सप्तमी द्वादशी ,भद्रा करे शुभ काम ।।
तीज अष्टमी तेरसी ,विजय जया का धाम ।
चौथ नवमी चौदशी ,रिक्ता खाली काम ।।
पंच दशमी पूर्णिमा ,पूरण करे सब काम । तिथि गुण सब देख के ,भजो प्रभु का नाम ।।

प्रतिपदा , षष्ठी  व एकादशी का नंदा (प्रशन्न ) नाम है । द्वितीया ,सप्तमी व द्वादशी का भद्रा (अच्छा )काम है । तृतीया, अष्टमी व त्रयोदशी का जया (विजय )नाम है। चतुर्थी नवमी व चतुर्दशी का रिक्ता ( खाली ) परिणाम है । पंचमी ,दशमी व पूर्णिमा का पूर्णा (भरपूर ) नाम है ।तिथियों के गुण देख कर ही कार्य करे । 

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मुहूर्त प्रकरण

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