।। श्री गणेशाय नमः ।।
श्रेष्ठ योग
यदि ६ ७ ८ स्थानो मे शुभ ग्रह हो और पापग्रह से युक्त अथवा दृष्ट ना हो तो जातक राजा या राजमंत्री ,न्यायधीश ,बहुत स्त्री वाला ,दीर्घायु ,स्वस्थ ,सुंदर ,सुखी और सर्वदा प्रसन्न रहने वाला उत्तम स्वभाव का होगा।
यदि ६ ७ ८ स्थानो मे शुभ ग्रह हो और पापग्रह से युक्त अथवा दृष्ट ना हो तो जातक राजा या राजमंत्री ,न्यायधीश ,बहुत स्त्री वाला ,दीर्घायु ,स्वस्थ ,सुंदर ,सुखी और सर्वदा प्रसन्न रहने वाला उत्तम स्वभाव का होगा।
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