वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ 
                                निर्विघ्नं कुरु में देव सर्वकार्येसू सर्वदा          

2 comments:

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. मुकेश भाई ब्लाग जगत में आपका स्वागत है। शुभकामनाएं।

    ReplyDelete

मुहूर्त प्रकरण

               💥मृदु / मित्र 💥    मृग अनुराधा रेवती,चित्र शुक्र के साथ।    खेलो गावो भूषण धरो,सभी खुशी के साथ।। अर्थात....  शुक्रवार...